Former Welfare Officer Arrested

10 करोड़ के श्रमिक कार्ड घोटाले में पूर्व सहायक कल्याण अधिकारी गिरफ्तार, कई नए नाम आए सामने

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Former Welfare Officer Arrested

कोरोना काल के दौरान हुए कथित 10 करोड़ रुपये के श्रमिक पंजीकरण कार्ड घोटाले में हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्कालीन सहायक कल्याण अधिकारी एनके सिंघल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अपराध शाखा मधुबन की विशेष टीम ने शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपी ने कई अधिकारियों, कर्मचारियों और कथित दलालों के नाम बताए हैं। इसके अलावा कुछ गुप्त फाइलों, फर्जी मुहरों और बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी जांच की जा रही है।

मामले की शुरुआत फरवरी 2020 में हुई थी, जब अधिवक्ता सुभाष चंद्र ने सीआईडी के एडीजीपी को शिकायत देकर एनके सिंघल और अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इसके बाद श्रम विभाग ने 27 जुलाई 2020 को जांच समिति गठित की। इसी दौरान बापौली निवासी सनी सैनी ने भी सहायक निदेशक हरेंद्र मान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

दोनों शिकायतों के आधार पर जनवरी से मार्च 2020 के बीच किए गए श्रमिक पंजीकरण और वितरित लाभों का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। हालांकि प्रारंभिक जांच के बाद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।

बाद में Punjab and Haryana High Court के आदेश पर नवंबर 2024 में पानीपत शहर थाना में एनके सिंघल और हरेंद्र मान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद मामला अपराध शाखा मधुबन को सौंप दिया गया, जो तब से इसकी जांच कर रही है।

जांच में आरोप सामने आया है कि एनके सिंघल ने सैकड़ों ऐसे लोगों के श्रमिक पंजीकरण कार्ड बनवाए जो निर्माण मजदूर की पात्रता नहीं रखते थे। इन कथित फर्जी कार्डों के आधार पर कन्यादान योजना, छात्रवृत्ति, मातृत्व लाभ और चिकित्सा सहायता जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि का दुरुपयोग किया गया।

प्रारंभिक जांच में श्रम विभाग के कई नियमित और अनुबंधित कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।